आकांक्षा यादव की कविताएँ

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नियति का प्रहार

नारी बढ़ती जाती है
इक नदी की तरह
अपनी समस्त भावनाओं
और संवेदनाओं के प्रवाह के साथ।
जीवन का अद्भुत संगीत और
आगोश में किलकारियों की गूँज
करती है वह नव-सृजन
नित् प्रवाहमान होकर।
नदी की ही भांति
लोग रोकते हैं नारी का प्रवाह
सिमेट देना चाहते हैं
उसे घर की चहरदीवारी में
जैसे तालाब या बाँध।
पर इन सबसे बेपरवाह
बढ़ती जाती है नारी
अपनी ही धुन में
ताजगी को बिखेरते
मस्ती को समेटते।
जीवन भर झेलती है
झंझावतों व अत्याचारों को
पर चलती रहती अविरल
भावनाओं व संवेदनाओं के प्रवाह के साथ
और कहती जाती है
मत तोड़ो नियम प्रकृति का
बहने दो मुझे प्रबल आवेग से
अन्यथा सहना पड़ेगा नियति का प्रहार।

शब्दों की गति

कागज पर लिखे शब्द
कितने स्थिर से दिखते हैं
आड़ी-तिरछी लाइनों के बीच
सकुचाये-शर्माये से बैठे।
पर शब्द की नियति
स्थिरता में नहीं है
उसकी गति में है
और जीवंतता में है।
जीवंत होते शब्द
रचते हैं इक इतिहास
उनका भी और हमारा भी
आज का भी और कल का भी
सभ्यता व संस्कृति की परछाइयों को
अपने में समेटते शब्द
सहते हैं क्रूर नियति को भी
खाक कर दिया जाता है उन्हें
परए प्रकृति की नियत
कभी खत्म नहीं होते शब्द
खत्म होते हैं दस्तावेज
और उनकी सूखती स्याहियाँ
पर शब्द अभी-भी जीवंत खडे़ हैं ।

मैं अजन्मी

मैं अजन्मी
हूँ अंश तुम्हारा
फिर क्यों गैर बनाते हो
है मेरा क्या दोष
जो, ईश्वर की मर्जी झुठलाते हो
मै माँस-मज्जा का पिण्ड नहीं
दुर्गा, लक्ष्मी औ‘ भवानी हूँ
भावों के पुंज से रची
नित्य रचती सृजन कहानी हूँ
लड़की होना किसी पाप की
निशानी तो नहीं
फिर
मैं तो अभी अजन्मी हूँ
मत सहना मेरे लिए क्लेश
मत सहेजना मेरे लिए दहेज
मैं दिखा दूँगी
कि लड़कों से कमतर नहीं
माद्दा रखती हूँ
श्मशान घाट में भी अग्नि देने का
बस विनती मेरी है
मुझे दुनिया में आने तो दो।

 

श्मशान

कंक्रीटों के जंगल में
गूँज उठते हैं सायरन
शुरू हो जाता है
बुल्डोजरों का ताण्डव।
खाकी वर्दियों के बीच
दहशतजदा लोग
निहारते हैं याचक मुद्रा में
और दुहायी देते हैं
जीवन भर की कमाई का
बच्चों के भविष्य का।
पर नहीं सुनता कोई उनकी
ठीक वैसे ही
जैसे श्मशान में।
चैनलों पर
लाइव कवरेज होता है
लोगों की गृहस्थियों के
श्मशान में बदलने का।

आकांक्षा यादव

पोस्टमास्टर जनरल आवास

बंगला नं.-22. कैंटोनमेंट, शाही बाग, अहमदाबाद (गुजरात)-380004  

मो.-09413666599 मेलakankshay1982@gmail.com  

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आकांक्षा यादव:  कॉलेज में प्रवक्ता।  साहित्य, लेखन और ब्लॉगिंग के क्षेत्र में भी प्रवृत्त। नारी विमर्श, बाल विमर्श और सामाजिक मुद्दों से सम्बंधित विषयों पर प्रमुखता से लेखन। लेखन-विधा- कविता, लेख, लघुकथा एवं बाल कविताएँ। अब तक 4 पुस्तकें प्रकाशित- ‘प्रकृति, संस्कृति और स्त्री’ (2023), ‘आधी आबादी के सरोकार’ (2017), ‘चाँद पर पानी’ (बाल-गीत संग्रह-2012) एवं ‘क्रांति-यज्ञ : 1857-1947 की गाथा’ (संपादित, 2007)।

देश-विदेश की प्रायः अधिकतर प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं और इंटरनेट पर वेब पत्रिकाओं व ब्लॉग पर रचनाओं का निरंतर प्रकाशन। व्यक्तिगत रूप से ‘शब्द-शिखर’ और युगल रूप में ‘बाल-दुनिया’, ‘सप्तरंगी प्रेम’ व ‘उत्सव के रंग’ ब्लॉग का संचालन। 60 से अधिक प्रतिष्ठित पुस्तकों/संकलनों में रचनाएँ प्रकाशित। आकाशवाणी से समय-समय पर रचनाएँ, वार्ता इत्यादि का प्रसारण। व्यक्तित्व-कृतित्व पर डॉ. राष्ट्रबंधु द्वारा सम्पादित ‘बाल साहित्य समीक्षा’ (नवम्बर 2009, कानपुर) का विशेषांक जारी।

उ.प्र. के मुख्यमंत्री द्वारा ’’अवध सम्मान’’, परिकल्पना समूह द्वारा ’’दशक के श्रेष्ठ हिन्दी ब्लॉगर दम्पति’’ सम्मान, अन्तर्राष्ट्रीय हिंदी ब्लॉगर सम्मेलन, काठमांडू में ’’परिकल्पना ब्लाग विभूषण’’ सम्मान, अंतर्राष्ट्रीय ब्लॉगर सम्मेलन, श्री लंका में ’’परिकल्पना सार्क शिखर सम्मान’’, विक्रमशिला हिन्दी विद्यापीठ, भागलपुर, बिहार द्वारा डॉक्टरेट (विद्यावाचस्पति) की मानद उपाधि, भारतीय दलित साहित्य अकादमी द्वारा ’’ डॉ. अम्बेडकर फेलोशिप राष्ट्रीय सम्मान’’, ‘‘वीरांगना सावित्रीबाई फुले फेलोशिप सम्मान‘‘ व ’’भगवान बुद्ध राष्ट्रीय फेलोशिप अवार्ड’’, राष्ट्रीय राजभाषा पीठ इलाहाबाद द्वारा ’’भारती ज्योति’’, साहित्य मंडल, श्रीनाथद्वारा, राजस्थान  द्वारा ”हिंदी भाषा भूषण”, ‘‘एस.एम.एस.‘‘ कविता पर प्रभात प्रकाशन, नई दिल्ली द्वारा पुरस्कार, निराला स्मृति संस्थान, रायबरेली द्वारा ‘‘मनोहरा देवी सम्मान‘‘, साहित्य भूषण सम्मान, भाषा भारती रत्न, राष्ट्रीय भाषा रत्न सम्मान, साहित्य गौरव सहित विभिन्न प्रतिष्ठित सामाजिक-साहित्यिक संस्थाओं द्वारा विशिष्ट कृतित्व, रचनाधर्मिता और सतत् साहित्य सृजनशीलता हेतु 50 से ज्यादा सम्मान और मानद उपाधियाँ प्राप्त। जर्मनी के बॉन शहर में ग्लोबल मीडिया फोरम (2015) के दौरान ‘पीपुल्स चॉइस अवॉर्ड’ श्रेणी में  आकांक्षा यादव के ब्लॉग ‘शब्द-शिखर’  को हिंदी के सबसे लोकप्रिय ब्लॉग के रूप में भी सम्मानित किया जा चुका है।

संपर्क: आकांक्षा यादव, पोस्टमास्टर जनरल आवास, बंगला नं.-22. कैंटोनमेंट, शाही बाग, अहमदाबाद (गुजरात)-380004

मो.-09413666599 ई-मेल:  akankshay1982@gmail.com

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