लेखकों / पाठकों से

शब्दकार प्रकाशन

लेखकों-पाठकों से निवेदन

प्रिय दोस्तों ! मेरे अजीजों !

साहित्यिक-सामाजिक चेतना की प्रगतिशील ई-पत्रिका ‘‘शब्दकार’’ का शुभारम्भ हुआ है, तमाम साथियों ने अपनी रचनायें प्रेषित की हैं , जिनमें फिलहाल चयनित की गई रचनाओं को इस अंक में स्थान दिया गया है, कुछ रचनायें विचारार्थ हैं, जिन्हें सम्भवतः अगले अंक में प्रकाशित किया जायेगा !

आप साहित्य की लगभग सभी विधाओं में अपनी रचनायें भेज सकते हैं ! गीत, गजल, दोहे, पद, हास्य-व्यंग्य, लघुकथा, किस्सा-कहानी, व्यंग्य लेख, समय की आवाज, यात्रा-वृतांत, ज्ञान की बातें, किताबों की समीक्षा आदि-आदि!

आपकी रचनायें मौलिक व अप्रकाशित हैं, इस बात का उल्लेख किया जाना चाहिए ! रचनायें Word फाइल या कृतिदेव के किसी फोंट में 12-14 साइज में टाइप होनी चाहिए, आपने जिस फॉन्ट का उपयोग किया है, उसे भी अवश्य अंकित कर दीजिए ! उसका PDF व CDR भी भेजें, साथ ही अपना नाम, चित्र, संक्षिप्त परिचय, पता, मोबाइल नम्बर, ई-मेल जो भी उपलब्ध हो , साथ ही प्रेषित करें, अन्यथा आपकी रचनाओं पर विचार नहीं किया जायेगा।

स्वीकृत और विचारार्थ रचनाओं के सम्बंध में ही आपको सूचना प्रदान की जाएगी ! हम किसी ऐसी रचनाओं को स्वीकार नहीं करते जो समाज की भावनाओं को ठेस पहुँचाती हों, किसी वर्ग या किसी विशेष समुदाय, किसी राजनैतिक पार्टी के समर्थन या आलोचना से ग्रसित हों !

शब्दकार पत्रिका के सभी अंक आप इसकी वेबसाइट www.shabdkaar.com पर क्लिक करके आप अपने मोबाइल या कम्प्यूटर पर आसानी से पढ़ सकते हैं अपनी प्रतिक्रिया भी दे सकते हैं, जो अगले अंक में आपके नाम, फोटो, पता, मोबाइल नंबर के साथ प्रकाशित की जाएगी!आपकी प्रसंशा, सुझाव, आलोचना, समालोचना, मार्गदर्शन हमारी पत्रिका के लिये पारितोषक के समान होगा!

आप हमारे ‘‘शब्दकार प्रकाशन’’ के माध्यम से अपनी किताबें प्रकाशित करा सकते हैं ! इस विषय पर अलग से सूचना इस अंक में समाहित की गई है !

फिलहाल मई, जुलाई एवं अगस्त आपको उपहार स्वरूप निःशुल्क प्रदान किया जा रहा है! आगामी अंक से यह मात्र ₹ 30/-प्रति अंक होगा! इसमें अर्द्धवार्षिक व वार्षिक शुल्क का भी विकल्प रहेगा, जिसमें आपको छूट प्रदान की जाएगी!

हमारा मुख्य उद्देश्य साहित्य को समाज मे ज्यादा से ज्यादा प्रसारित करना है , जिससे साहित्यिक चेतना के साथ सामाजिक प्रगति की चेतना भी समाज में गौरव के साथ अपना महत्वपूर्ण योगदान दे सके !

आप सभी बुद्धिजीवी हैं , साहित्य का अर्थ समझते हैं, आप स्वयं रचयिता भी है, तो क्यूँ न हम सब का साहित्य पूरे विश्व में दीप्तिमान हो, आपका सहयोग मिलता रहा तो निश्चित ही यह ‘‘शब्दकार’’ पत्रिका तमाम अचर्चित शब्दकारों को उनकी पहचान स्थापित करने में उनका सहभागी बनेगा, और इसमें साहित्य में  पदार्पण करने वाले युवा साथियों के लिए एक स्थायी कॉलम ‘‘आते हुये लोग’’ भी जोड़ा जाएगा, जिसमें नये चेहरों को उचित स्थान प्रदान किया जायेगा ! ताकि वे भी शब्दकार  परिवार का हिस्सा बन सकें !

आप सभी को “शब्दकार परिवार” की ओर से हार्दिक शुभकामनाएं !

 

शब्दकार परिवार

E-mail : shabdkarprakashan@gmail.com

              shabdkarpatrika@gmail.com

Website :  www.shabdkaar.com

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