दीवाली पर्व – विजय अरुण

Vijay Arun

दीवाली पर्व

विजय 'अरुण'

आज अमावस है पर  कितनी फैली है उजियाली।
हर दीपक ने लौ अपनी अम्बर को आज उछाली।
नन्हे नन्हे  दीप  हैं पर  कितनी  है  बात  निराली।
इन  दीपों ने आज बदल दी रात  भयानक काली।
फिर से आज धरा पर है एक नूर की बेला आली।
जगमग जगमग दीप लिए फिर आई है दीवाली।।

दीपक हैं  या मणिमरकत हैं आज चमकते  घर  घर।
दीपक  हैं  या  तोड़  के  तारे  फेंक  गया  है  अम्बर।
या श्री राम के उगल रहे हैं अब तक आग धनुष शर।
तारे   टंके   हुए   हैं   या   दीवाली  की   चुनरी   पर।
कुछ  भी  हो  दीवाली  तेरी   शोभा   बड़ी   निराली।
जगमग  जगमग  दीप  लिए  फिर आई  है  दीवाली।।

विजय ‘अरुण’
सम्पर्क –
Flat No. 501, ‘L’ wing, 
Marina Enclave near Bilabong school, 
Jankalyan Nagar, Malad (W),
Mumbai -400095 (India)
Mob – +91 9892785994
E-mail: vijay.puri0935@gmail.com 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *