दुनियादारी का ज्ञान
समय की आवाज़
दुनियादारी का ज्ञान
रेखा शाह आरबी
इस दुनिया में शरीफ और तमीजदार होने के बहुत नुकसान भी है। कोई चाह कर भी हमेशा के लिए शरीफ और तमीजदार नहीं रह सकता है। यह एक ऐसा गुण है जो जिसके पास रहता है ।उसी को परेशान करके रखता है ।रोज मुफ्त की मुसीबत खड़ी कर देता है । कोई कुछ भी बोलकर निकल जाता है ।शराफत का हर कोई फायदा उठा लेता है । सबसे बड़ा नुकसान तो यह है कि तमीजदार रहने पर बहुत सी भावनाएं दिल के अंदर ही दम तोड़ देती है। जो कूटने लायक काम करते है। उनके साथ भी तमीजदारी दिखानी पड़ती है। क्योंकि बात उनकी इज्जत की भले ना रहे लेकिन अपनी इज्जत की रहती है।
वह कहावत तो आपने सुनी ही होगी कीचड़ में पत्थर मारने से कीचड़ के छींटे पड़ते हैं।बहुत सी भावनाये मन में मार कर इज्जत से पेश आना पड़ता है ।अब क्या किया जाए शरीफ जो है।शरीफ अंदर ही अंदर घुटता रहता है। जैसी दुनिया है उसके हिसाब से तमीजदार होकर जीना आसान नहीं है । लाख ही तमीजदारी दिखाइए लेकिन कोई ना कोई ऐसा बिना तमीज वाला मिल ही जाता है जो तमीज की कमीज उतार कर रख देता है ।
ऐसे ही सभ्य और सुसंस्कृत इंसान है मनमौजी जी बिल्कुल गाय आदमी हैं। और उनका उतने ही धूर्त पड़ोसियों से पाला पड़ा है । मनमौजी के जी के सुबह की पहली पसंद पेपर उनका पड़ोसी पहले पढ़ता और उसे अस्त व्यस्त करके वापस देता। मनमौजी जी लिहाज करके रह जाते । कोई पार्टी होती तो छककर खाने का लुफ्त उठाते। लेकिन अपने घर उनको कभी नहीं बुलाते। मनमौजी जी की बाइक उनके काम कम और पड़ोसी के काम ज्यादा आती थी। एक दिन इमरजेंसी में उनके मांगने पर उनकी बाइक का पेट्रोल ही खत्म, ब्रेक खराब जैसी बीमारी हो गई थी।
आखिरकार मनमौजी जी ने भी शिद्दत से मना करना सीख लिया। बहाने बनाने की कला में तो महारत हासिल कर लिया है । अब किसी के बाइक मांगने पर उनकी चाबी ही गुम हो जाती है। अब उनके पड़ोसी उनकी बुराई करते हैं । गाय जैसी बुद्धि वाले मनमौजी जी को उनके पड़ोसी ने लोमड़ी जैसी फितरत का बना ही दिया। आखिर दुनिया ने उनको भी दुनियादारी सिखा ही दिया। आखिरकार इस दुनिया में जीने के काबिल बन ही गए।
– रेखा शाह आरबी
बलिया( यूपी )
rekhasahrb@gmail.com
(संक्षिप्त परिचय:
लेखन में प्रचलित नाम –रेखा शाह आरबी
मूल रूप से नाम–रेखा देवी
जन्म स्थान: बेल्थरा रोड (बलिया )
शिक्षा: स्नातक,
व्यवसाय: पत्रकारिता
रुचि: समाचार पत्र-पत्रिका के लिए , लेखन, पठन
- संघर्षों की रेखाए (कवितासंग्रह )
- दैनिक जागरण, अमर उजाला, अन्य राष्ट्रीय समाचार पत्र पत्रिकाओं में नियमित व्यंग्य, कहानी का प्रकाशन देश के विभिन्न समाचार पत्रों में आलेख, कविता इत्यादि प्रकाशन
- क्षितिज के पार -पत्रिका में हास-परिहास स्तंभ लेखन
* वर्तमान पता एवं स्थाई निवास: गिरजा इलेक्ट्रॉनिस /काशीपुर / बलिया- बैरिया मार्ग/ जिला +पोस्ट= बलिया /जिला =बलिया (उत्तर प्रदेश) पिन नंबर- 277001
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