समाप्त कुछ नहीं होता – दीप प्रकाश गुप्ता

समाप्त कुछ नहीं होता दीप प्रकाश गुप्ता कभी ऐसा लगता है जैसे सब कुछ खत्म हो जाएगा अब क्या बचेगा शायद कुछ भी नहीं…कभी ऐसा ख्याल आए तो पीछे मुड़ के इतिहास देखना… राम का राजतिलक होने वाला है जनता खुश है…अचानक से खबर आती है राम का राजतिलक नहीं होगा…जनता मायूस हो गई..सबने सोच…

आँधी बरगद और लोग – डॉ. सुरेश अवस्थी

आँधी बरगद और लोग पीयूष अवस्थी इस पुस्तक को ऑनलाईन मंगवाने के लिए नीचे दिये गये बटन पर क्लिक करें। इस पुस्तक को शब्दकार प्रकाशन से डाक द्वारा मंगवायें। मो० नं०- 91-8114210572, (W) 91-7379309121 ई-मेलः shabdkarprakashan@gmail.com, ई-मेलः shabdkarpatrika@gmail.com

पियूषा -दोहावली – पीयूष अवस्थी

पियूषा -दोहावली पीयूष अवस्थी इस पुस्तक को ऑनलाईन मंगवाने के लिए नीचे दिये गये बटन पर क्लिक करें। इस पुस्तक को शब्दकार प्रकाशन से डाक द्वारा मंगवायें। मो० नं०- 91-8114210572, (W) 91-7379309121 ई-मेलः shabdkarprakashan@gmail.com, ई-मेलः shabdkarpatrika@gmail.com

पिता हूँ मैं – पीयूष अवस्थी

सीपी में मोती पीयूष अवस्थी इस पुस्तक को ऑनलाईन मंगवाने के लिए नीचे दिये गये बटन पर क्लिक करें। इस पुस्तक को शब्दकार प्रकाशन से डाक द्वारा मंगवायें। मो० नं०- 91-8114210572, (W) 91-7379309121 ई-मेलः shabdkarprakashan@gmail.com, ई-मेलः shabdkarpatrika@gmail.com

सीपी में मोती – डॉ मीरा सिन्हा

सीपी में मोती पीयूष अवस्थी इस पुस्तक को ऑनलाईन मंगवाने के लिए नीचे दिये गये बटन पर क्लिक करें। इस पुस्तक को शब्दकार प्रकाशन से डाक द्वारा मंगवायें। मो० नं०- 91-8114210572, (W) 91-7379309121 ई-मेलः shabdkarprakashan@gmail.com, ई-मेलः shabdkarpatrika@gmail.com

बंधन सात फेरों का

बंधन सात फेरों का – तेजेन्द्र शर्मा दो निजी लोगों के तलाक के मामले ने हिन्दू विवाह के रीति-रिवाज पर सुप्रीम कोर्ट को निर्णय देने के लिये बाध्य कर दिया। इस मामले में एक महत्वपूर्ण बात पर ध्यान देना आवश्यक है कि सुप्रीम कोर्ट ने इतना अहम जजमेंट पास कर दिया मगर कहीं कोई शोर…

जयराम जय का गीत

बरस रहे बदरा – जयराम जय बरस रहे बदरा तुम नहीं आएबरस रहे बदरा तुम नहीं आए खुला झरोखाभीग रहा मनजियरा को तरसाएतरस रहे बदरा तुम नहीं आएबरस रहे बदरा तुम नहीं आए मन मयूर है,आकुल-ब्याकुलछिन-छिन प्यास जगाएदरस रहे बदरा तुम नहीं आएबरस रहे बदरा तुम नहीं आए पिया-पिया-मन टेर रहा है,मन में आस बढ़ाएसरस…

डॉ मृदुल शर्मा का नवगीत

डॉ मृदुल शर्मा का नवगीत – डॉ मृदुल शर्मा सुनो चिड़िया,यहां, सब के सब शिकारी । ताक में रहतेहमेशा अवसरों के।मांस-लोभी लोगदुश्मन है परों के। मृत्यु तक कीयहां ली जाती सुपारी। पंख पर अपनेसदा विश्वास रखना।किसी सेखैरात की मत आस रखना। लोभ-लालच मेंसदा गति गई मारी।। सावधानी से बहुतपड़ता परखना।दोष किसको देंसमय ही है कटखना।…

महेश जैन ज्योति का गीत

मंजिल तेरी आनी है – महेश जैन ‘ज्योति’, अभी और दूरी है बाकी,अभी दूर मैखाना साकी,रुक मत आगे बढ़ बंजारे, मंजिल तेरी आनी है ।अपने हाथों आप नाप ले, कितना तुझमें पानी है ।। चलते -चलते थका अगर तू,  कुछ पल को कर ले आराम,सुस्ता ले कुछ जल पी‌ले तू, कुछ क्षण को करले विश्राम,नये…