पृथ्वी मात समान – गोवर्धन दास बिन्नाणी “राजा बाबू “

पृथ्वी मात समान गोवर्धन दास बिन्नाणी “राजा बाबू एक शाम हम कुछ दोस्त पार्क में बैठ गपशप कर रहे थे जहाँ पार्क के बीच बच्चे खेल भी रहे थे।इसी बीच मेरा पोता अपने कुछ दोस्तों के साथ आकर मुझ से पूछा कि दादाजी  ‘अगर यह पृथ्वी न होती’ तो क्या होता। इतना सुनने के बाद…

समाप्त कुछ नहीं होता – दीप प्रकाश गुप्ता

समाप्त कुछ नहीं होता दीप प्रकाश गुप्ता कभी ऐसा लगता है जैसे सब कुछ खत्म हो जाएगा अब क्या बचेगा शायद कुछ भी नहीं…कभी ऐसा ख्याल आए तो पीछे मुड़ के इतिहास देखना… राम का राजतिलक होने वाला है जनता खुश है…अचानक से खबर आती है राम का राजतिलक नहीं होगा…जनता मायूस हो गई..सबने सोच…