आम वाक्य नहीं ” अब बस”

आम वाक्य नहीं ” अब बस” – मेघा राठी आम जिंदगी में प्रयुक्त होने वाला एक आम सा वाक्य,”अब बस”। हमारे आस–पास घूमता यह वाक्य न जाने कितनी ही बार हमसे टकराता है। “अब बस” …छोटा सा यह वाक्य अर्थ की गहराई में इतना छोटा नहीं होता है। इस एक वाक्य के अंदर कई भाव…

प्रेम: जीवन की अनमोल शक्ति – मेघा राठी

प्रेम: जीवन की अनमोल शक्ति – मेघा राठी प्रेम, जीवन की सबसे सुंदर और सशक्त भावना है। फ़्योदोर दोस्तोयेव्स्की के शब्दों में, ‘‘‘प्रेम करने में असमर्थ हो जाना ही नर्क है।’’ प्रेम की इस अद्भुत शक्ति से वंचित होना एक ऐसा अनुभव है, मानो जीवन के स्रोत से कट जाना। यह वही स्थिति है, जैसे…

प्रेम में समर्पण की अनिवार्यता

प्रेम में समर्पण की अनिवार्यता मेघा राठी प्रेम छोटा शब्द है लेकिन अर्थ में अनंत और व्यवहार में देखा जाय तो प्रेम का अर्थ कई कहे–अनकहे रूपों में ढला हुआ होता है। प्रेम मात्र एक भाव नहीं होता है ,प्रेम स्वयं में कई प्रकार के भावों को साथ लेकर चलता है। त्याग, समर्पण ये दो…

इच्छाएं कीमती हैं

इच्छाएं कीमती हैं मेघा राठी जीवन है तो इच्छाओं का होना भी स्वाभाविक है। एक कामना पूरी होते ही दूसरी कामना सिर उठा लेती है। इच्छाओं का होना गलत नहीं है क्योंकि यदि ये नहीं होंगी तो व्यक्ति न तो स्वयं की उन्नति कर सकता है और न ही अपने परिवार–समाज और देश की उन्नति…

शांति का केंद्र–आत्मचेतना से भेंट

ऊर्जस्वी शांति का केंद्र–आत्मचेतना से भेंट मेघा राठी की कलम से…                                कभी आंखें बंद करना और पलकों में महसूस होती लाल से रंग की रोशनी में रेखाओं के अक्स देखते हुए खो जाना किसी अनजान लोक में….आती जाती सांसों की…