गूलर के फूल

कथा- कहानी गूलर के फूल नंदन पंडित विमल ऑफिस के लिए तैयार हो रहा था। “हेलो!” उधर से पत्नी की बिलखती हुई आवाज आई। वह एक जूते का फीता बाँध चुका था। दूसरे जूते का फीता अज्ञात भय से उसके हाथ से छूट गया। काँपते हुए उसने कहा, “हाँ, कहो नीलम? क्या बात है?” “म्…

रिटर्न गिफ्ट​

कथा- कहानी रिटर्न गिफ्ट मीता लुनिवाल “मीत”                     सोनू और आरव बहुत अच्छे दोस्त थे वो दोनों साथ पढ़ते थे दोनों ही पढ़ाई में अच्छे थे पर आरव एक खानदानी रईस का लड़का था जिसे किसी प्रकार की कोई कमी नहीं थी जबकि सोनू एक मेडिकल…

रोटी का धर्म

कथा- कहानी रोटी का धर्म पीयूष अवस्थी              रजिया अब पचपन बरस पार कर चुकी थी,काले सफेद बालों की खिचड़ी सर पर झलकने लगी थी ! तीखे नयन नक़्श देखकर लगता था कि वह जवानी में अत्यंत सुन्दर रही होगी !             कुछ महीने पहले…

कन्यादान

कथा- कहानी कन्यादान डॉ. मीरा सिन्हा सामने मेज पर निमंत्रण कार्ड पड़ा था, जो के डाक से आया था, उसे उठा मैं बड़े गौर से देखने लगी, यह मेरी सखी रिश्म की शादी का कार्ड था ! मुझे अजीब सा आनंद महसूस हो रहा था ! यह शादी रूढ़ियों के बंधन को काटने जा रहा…

खट्टे सपने

कथा- कहानी खट्टे सपने वैभव दुबे                 आज पूरे बारह दिनों के बाद मैसेंजर पर मिले हुए रिप्लाई को देखकर मैं जोर-जोर से हँस पड़ा और धीरे से बुदबुदाया,”फंस गया एक और बकरा हलाल होने के लिए”…मैं पागलों की तरह हँसे जा रहा था तभी मोबाइल से नज़रें…

गर्लफ्रेंड बनोगी

कथा- कहानी गर्लफ्रेंड बनोगी पारुल अग्रवाल मित्तल                               रितिका का जन्मदिन है आज। डाइनिंग टेबल पर ब्रेक फास्ट करते रजत से मां ने पूछा… ” आज क्या करना है शाम को रितिका का जन्मदिन है? बाहर लेकर चलोगे की घर में…