प्रियंका सौरभ का गीत

समय सिंधु – प्रियंका ‘‘सौरभ’’ समय सिंधु में क्या पता, डूबे, उतरे पार।छोटी.सी ये ज़िंदगी, तिनके.सी लाचार॥ ★★★ सुबह हँसी, दुपहर तपी, लगती साँझ उदास।आते.आते रात तक, टूट चली हर श्वास॥पिंजड़े के पंछी उड़े, करते हम बस शोक।जाने वाला जायेगा, कौन सके है रोक॥होनी तो होकर रहे, बैठ न हिम्मत हार।समय सिंधु में क्या पता,…

डॉ.मंजु लता श्रीवास्तव का गीत

‘वर्तमान जल-संकट ‘ डॉ मंजु लता श्रीवास्तव ‌सावन बरसे             भादों बरसे बरसे बीच कुंँवार में          मेघ बावरे            ‌ ऐसे बरसे ज्यों पत्ते पतझार में           तन-मन-धन        सब डूब रहे हैं राहत के पल ढूंँढ रहे हैं        त्राहि-त्राहि       हर ओर मचा है विधि ने कैसा खेल रचा है  …

‘क्वार का है सुखद आना’ – डॉ मंजु लता श्रीवास्तव

‘क्वार का है सुखद आना’ डॉ मंजु लता श्रीवास्तव छिटक निकली धूप फिर भी मेह पल भर बरस जाना ब्याह स्यारों के हुए हैं क्वार का है सुखद आना आँजुरी भर-भरके  खुशबू ये हवा बिखरा रही है और गुलमेंहदी रँगों की छवि सुभग निखरा रही है पक्षियों का रागिनी के न‌ए सुर में गीत गाना…

खाली हो कर आए हैं! – अशोक अंजुम का गीत

खाली हो कर आए हैं! अशोक अंजुम का गीत अभी अभी तो कुल्लू और मनाली होकर आए हैं, अम्मा थोड़ा सब्र करो हम खाली हो कर आए हैं! तुमको होश नहीं रहता, सब – इधर-उधर धरती हो मां, कितने चश्मे तोड़ चुकी हो  तुम भी हद करती हो मां, तुम तो दुनिया देख चुकीं कुछ…

जयराम जय का गीत

बरस रहे बदरा – जयराम जय बरस रहे बदरा तुम नहीं आएबरस रहे बदरा तुम नहीं आए खुला झरोखाभीग रहा मनजियरा को तरसाएतरस रहे बदरा तुम नहीं आएबरस रहे बदरा तुम नहीं आए मन मयूर है,आकुल-ब्याकुलछिन-छिन प्यास जगाएदरस रहे बदरा तुम नहीं आएबरस रहे बदरा तुम नहीं आए पिया-पिया-मन टेर रहा है,मन में आस बढ़ाएसरस…

डॉ मृदुल शर्मा का नवगीत

डॉ मृदुल शर्मा का नवगीत – डॉ मृदुल शर्मा सुनो चिड़िया,यहां, सब के सब शिकारी । ताक में रहतेहमेशा अवसरों के।मांस-लोभी लोगदुश्मन है परों के। मृत्यु तक कीयहां ली जाती सुपारी। पंख पर अपनेसदा विश्वास रखना।किसी सेखैरात की मत आस रखना। लोभ-लालच मेंसदा गति गई मारी।। सावधानी से बहुतपड़ता परखना।दोष किसको देंसमय ही है कटखना।…

महेश जैन ज्योति का गीत

मंजिल तेरी आनी है – महेश जैन ‘ज्योति’, अभी और दूरी है बाकी,अभी दूर मैखाना साकी,रुक मत आगे बढ़ बंजारे, मंजिल तेरी आनी है ।अपने हाथों आप नाप ले, कितना तुझमें पानी है ।। चलते -चलते थका अगर तू,  कुछ पल को कर ले आराम,सुस्ता ले कुछ जल पी‌ले तू, कुछ क्षण को करले विश्राम,नये…

अशोक अंजुम के गीत

अशोक अंजुम के गीत -अशोक अंजुम १ गीत क्या है? गीत क्या है-रोशनी का घट या कि डोरी पर थिरकता नट! साँस का संगीत है येधड़कनों की ताल हैएक परिचित गंध वालारेशमी रूमाल है गीत क्या है-प्रेयसी की लटया कि दुल्हन खोलती घूँघट ! सत्य का उद्घोष हैये शिवम, ये सुन्दरम्पीर जब पलती हृदय मेंगीत…

शैलेन्द्र शर्मा के गीत

शैलेन्द्र शर्मा के गीत शैलेन्द्र शर्मा करते वारे-न्यारे आंखें अपनी ढ़की गईं हैं बड़े जतन से प्यारे हम कोल्हू के बैल रहेसमझ न पाये चालेंइसीलिए वे बीच बीच मेंरह-रह शब्द उछालें यों ही रहें लगाते चक्करहम कितने बेचारे कब रुकना है, कब चलना हैवे हमें बताते हैंझूठ-मूठ के सपनों में हमकोरोज फॅंसाते हैं सूखा चाहे…

मिलना बहुत जरूरी है: श्याम सुन्दर श्रीवास्तव ‘कोमल’

मिलना बहुत जरूरी है श्याम सुन्दर श्रीवास्तव ‘कोमल’ बिना तुम्हारे जीवन जीना,यह कैसी मजबूरी है।अब जीने के लिये प्राण प्रिय!,मिलना बहुत जरूरी है।। रितुयें बदलीं,मौसम बदले,वे मधुमय दिन बीत गये।बिना तुम्हारे यौवन घट भी,शनै-शनै सब रीत गये।एक-एक पल बरसों जैसे,दिवस महीने युग जैसेमन,नयनों में बसे हुये हो,तन से केवल दूरी है।अब जीने के लिये प्राण…