पीयूष अवस्थी के पद

पीयूष अवस्थी के पद – पीयूष अवस्थी *** कृपया विशेष ध्यान दीजिये *** प्रिय दोस्तों!          लगभग 15 वर्षो से फेसबुक के माध्यम से आप सभी से जुडा रहा हूँ, गीत, ग़ज़ल, पद, कविता, कहानी लेख, हास्य -व्यंग्य आदि अनेक विधाओं की रचनाएँ देखने, पढ़ने, सुनने को मिलती रहीं! लेकिन कहीं भी ‘छंद -विन्यास’ की…

पीयूष अवस्थी के दोहे (पियूषा- दोहावली से)

पीयूष अवस्थी के दोहे (पियूषा- दोहावली से) – पीयूष अवस्थी राजनीति के मंच पर, झूठ बन गये साँचकठपुतली ही देखती, कठपुतली का नाच  जो हैं पूरे गाँव के, पहुँचे हुये हक़ीमउनके घर बीमार हैं,कब से राम -रहीम चिन्ता में मन यूँ पिरै, जैसे पिरती ऊखगिद्ध जहाँ पर बैठते, पेड़ जाय वो सूख जीवन लम्बा सोच…

कुंडलियां – बसंत की छटा

छन्द विन्यास कुंडलियां – बसंत की छटा आशा शुक्ला “कृतिका” आया अब ऋतुराज ले,इंद्रधनुष के रंग।  चतुर्दिशा डोले मदन , पीकर  मानों  भंग। पीकर मानो  भंग, चले चंचल पुरवाई।  फूल उठे वनफूल, सुरभि धरती पर छाई। प्रिय बसंत का राग,गीत कोकिल ने गाया। हर्ष प्रेम आह्लाद, संग बसंत ले आया।।   फूलों से उपवन भरा…