‘‘अपना’’

लघुकथा ‘‘अपना’’ शोभा रानी गोयल पड़ौस के घर में बच्चे की किलकारी गूंजी तो अनु का दिल बैठ गया। विवाह को दस वर्ष हो गए। अभी तक उसका दामन खाली था। एक से बढ़कर एक डाक्टरों से खूब इलाज लिया। मंदिर दिवाले सब धोक लगाये। प्रार्थना मंत्रोच्चार सब किये। नतीजा वही..सिफर। पड़ौस में खेलते बच्चों…

उपहार

लघुकथा उपहार डॉ. प्रदीप कुमार शर्मा चार-पाँच स्कूली बच्चों के द्वारा छः डस्टबीन माँगने पर दुकनदार ने यूँ पूछ लिया, “क्या बात है बच्चों, सबके सब एक साथ डस्टबीन कैसे खरीद रहे हो ? लगता है तगड़ा डिस्काउंट चाहिए।”    एक बच्चे ने बताया, “हाँ अंकल जी, डिस्काउंट तो चाहिए ही हमें। पर ये हम लोग…