सेहत का साथ – विजय गर्ग

सेहत का साथ – विजय गर्ग एक बार मिली जिंदगी में जाहिर है शरीर भी एक बार ही मिलता है। शरीर ही इंसान के अंत तक साथ उसका देता है । जो दुर्लभ और महासदुपयोगी वस्तु एक बार ही मिली हो, उसे बेइंतहा प्यार करना चाहिए। बच्चों के शरीर की देखभाल का जिम्मा अभिभावकों का…

घटता शारीरिक श्रम, बढ़ती व्याधियाँ

घटता शारीरिक श्रम, बढ़ती व्याधियाँ – विजय गर्ग किसी देश में सेहत और बीमारी का संबंध सिर्फ इलाज की सहूलियतों और आबादी की तुलना में उपलब्ध अस्पतालों और डाक्टरों की संख्या से हो, जरूरी नहीं। लोगों को कई रोग इसलिए भी घेरते हैं, क्योंकि उनकी दिनचर्या सेहत से जुड़े कायदों के मुताबिक नहीं होती और…

टूथपेस्ट हैं या ज़हर…!

स्वास्थ्य टूथपेस्ट हैं या ज़हर…! तेजेन्द्र शर्मा यह ज़रूरी है कि विश्व भर की सरकारें इस मुद्दे की तरफ़ ध्यान दें। जिस फ़्लोराइड को अमरीका में विष कहा जा रहा है वही फ़्लोराइड भारत और बाक़ी विश्व में क्यों आसानी से बेचा जा रहा है। वैसे टूथपेस्ट बनाने वाली कम्पनियों का एक सवाल वाजिब है…