सुनो चिड़िया,
यहां, सब के सब शिकारी ।
ताक में रहते
हमेशा अवसरों के।
मांस-लोभी लोग
दुश्मन है परों के।
मृत्यु तक की
यहां ली जाती सुपारी।
पंख पर अपने
सदा विश्वास रखना।
किसी से
खैरात की मत आस रखना।
लोभ-लालच में
सदा गति गई मारी।।
सावधानी से बहुत
पड़ता परखना।
दोष किसको दें
समय ही है कटखना।
बोल मिस्री घुले
हाथों में कटारी।।
– डॉ मृदुल शर्मा
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