“ये उँगलियाँ”
"ये उँगलियाँ"
सावित्री शर्मा "सवि"
उँगली करना भी बड़ी बुरी आदत है वैसे आप बचपन में कँचे खेलते थे तो उँगली से ही गड्ढा कर लेते थे तब ये आदत उपयोगी थी ।सब वक्त वक्त की बात है किस समय किसकी उपयोगिता बदल जाये कहना मुश्किल है ।वैसे महिमा उँगली की सदियों से चली आ रही है लोग कभी भी कही भी किसी पर उँगली उठा देते ।अजी यूँ ही टाइम पास के लिए ,ये भी बड़ा मुद्दा है समय है ही इतना सारा काम है नही आख़िर बिना कुछ किए बीतेगा कैसे ।कोई साथ में तो चाहिए ।
पहले उँगली से आँख नाक कान साफ़ कर लिए जिससे साफ़ दिखाई दे सके किस पर उँगली उठानी है क्या असर हुआ ।तो बस शुरू टाइम पास जिस पर उँगली उठाई उसके निरीक्षण में आपका समय आराम से कटेगा ।रास्ता ना कटे तो सोते हुए कुत्ते पर उँगली कर दो ,घर पहुँचा देगा ।पत्नी के लिए भी इसकी बहुत उपयोगिता है चाभियाँ घुमा कर ये दिखाने के लिए कि तिजोरी की चाभी सास के पास नहीं उसके पास है हो गया पड़ोस में झगड़ा ।सभी इन उँगलियों पर अंगूठी पहन स्टेट्स दिखाते है हाँ भई हाँ , ये स्टेट्स दिखाने का काम भी करती है और तो और सारी पृथ्वी छोड़ पति महोदय ख़ुद इसी उँगली पर नाचने को बेताब रहते हैं गर्व महसूस करते है ।बात तो ये है सारी दुनियाँ ही इसी तर्जनी पर नाचती है । सरकार के तो कहने ही क्या है फिर सरकार कोई दुनिया से अलग थलग थोड़ी ना है । उसका तो वजूद ही इसी पर टिका है।
उसका बस चले तो सारे जहां की उँगलियाँ इकट्ठा कर तिजोरी में रख ले ।नेता को किसी से कुछ नहीं चाहिए ना तुम्हारा प्यार ना धन ना दौलत ,चाहिए तो सिर्फ़ एक अदद आपकी उँगली ।इसकी प्राप्ति पर उँगली से वो आपका उल्लू बना सकती है इस उँगली में कमाल की एक शक्ति और है वो है गुरुत्वाकर्षण की ।सीधी सी बात है अगर इसका मन नहीं तो आपकी शोहरत भले ही बुलंदी पर हो नेता हो या आम आदमी आपकी इज़्ज़त को लोटपोट कर सकती है एक गदहे के साथ ज़मीन में आप लोटपोट हो जाएँगे । इसमें एक शक्ति और है आपकी बंद बुद्धि को खोल सकती है जब कोई विचार ना आ रहा हो तो सिर खुजाना शुरू कर दें ,बेहतरीन विचार उजागर हो जाएँगे । पर समझना ये ज़रूरी है सिर अपना हो दूसरे का नही ।